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Baba School Dress controversy: नाम पर सियासत

कोटद्वार विवाद: जब एक नाम पर सियासत हुई और इंसानियत जीत गई मुख्य बिंदु (Key Takeaways) भूमिका: जब ताक़त का मतलब बदल गया आमतौर पर सोशल मीडिया पर जिम ट्रेनर ट्रेंड करते हैं तो वजह डेडलिफ्ट या बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन होती है। लेकिन उत्तराखंड के कोटद्वार में एक जिम ट्रेनर चर्चा में आया—क्योंकि उसने अपनी ताक़त…

UGC इक्विटी रेगुलेशंस 2026

उच्च शिक्षा में SC/ST संरक्षण तंत्र का समालोचनात्मक विश्लेषण मुख्य बिंदु (Key Takeaways) भारतीय संविधान समानता की गारंटी देता है, किंतु जमीनी स्तर पर उच्च शिक्षा परिसरों में तस्वीर अक्सर अलग दिखती है। दशकों से अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्र केवल प्रत्यक्ष सामाजिक बहिष्कार ही नहीं, बल्कि “अदृश्य” प्रशासनिक भेदभाव का…

UGC Promotion of Equity Regulations

संथाली में भारत का संविधान

आदिवासी समाज के लिए ऐतिहासिक और सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम भारत का संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह भारत के लोकतंत्र, न्याय व्यवस्था और नागरिक अधिकारों का आधार स्तंभ है। यह वह ग्रंथ है जो देश के हर नागरिक को समानता, स्वतंत्रता, न्याय और गरिमा का भरोसा देता है। अब…

सरहुल क्या है? इतिहास, लोककथा

सरहुल क्या है? इतिहास, लोककथा और प्रकृति पूजा की एक विस्तृत शोधपूर्ण यात्रा जब हम भारतीय संस्कृति की बात करते हैं, तो अक्सर हमारा ध्यान बड़े शहरों और मुख्यधारा के त्योहारों पर जाता है। लेकिन, यदि आप वास्तव में भारत की आत्मा को समझना चाहते हैं, तो आपको उन जंगलों और सुदूर गांवों की ओर…

Sarhul meaning & history

सोहराय पर्व के चौथा दिन : जाले (Jale)

सोहराय पर्व के चौथा दिन : जाले (Jale) – आदिवासियों की अनोखी लोक परंपरा और सामूहिकता का प्रतीक जब हम भारतीय लोक परंपराओं की गहराई में उतरते हैं, तो हमें एहसास होता है कि हमारे आदिवासी समाज ने प्रकृति और आपसी भाईचारे को कितने सुंदर ढंग से संजोकर रखा है। अगर आप झारखंड, बंगाल या…

सोहराय पर्व के चौथा दिन

सोहराय प्रव के तीसरा दिन :खूँटाव (Khuntaw)

सोहराय पर्व: खूँटाव (Khuntaw) – परम्परा, रोमांच और पशुधन की अनूठी पूजा जब आप झारखंड, पश्चिम बंगाल या ओडिशा के आदिवासी क्षेत्रों में ढोल और मांदर की गूंज सुनते हैं, और हवा में धुले हुए चावल और गुड़ की भीनी खुशबू तैरने लगती है, तो समझ जाइये कि प्रकृति और पशु-प्रेम का सबसे बड़ा त्यौहार…

सोहराय पर्व के तीसरे दिन

सोहराय पर्व का दूसरा दिन: दका (Daka)

सोहराय पर्व का दूसरा दिन: दका (Daka) – पशु धन और प्रकृति की अनूठी पूजा क्या आपने कभी उस अहसास को महसूस किया है जब धान की नई फसल घर आती है और पूरा गांव एक अजीब सी खुशी और उत्साह से भर जाता है? अगर आप झारखंड या उसके आसपास के आदिवासी क्षेत्रों से…

सोहराय पर्व का दूसरा दिन: दका (Daka)

सोहराय पर्व के पहला दिन :उम (Um)

सोहराय पर्व के पहला दिन :उम (Um) — शुद्धि, स्नान और गोड़ैत द्वारा देवताओं का आह्वान अगर आप झारखंड, बंगाल या ओडिशा के आदिवासी अंचलों, विशेषकर संथाल परगना की माटी से जुड़े हैं, तो ‘सोहराय’ शब्द सुनते ही आपके मन में मांदर की थाप और धान की नई बालियों की महक ताज़ा हो गई होगी।…

सोहराय पर्व के पहला दिन :उम (Um)

सोहराय का 5वां दिन: हकू कातकोम

सोहराय का 5वां दिन: हकू कातकोम (Hako Kaatkom) का महत्व और परंपरा झारखंड और आसपास के आदिवासी क्षेत्रों में जब धान की बालियाँ सुनहरी हो जाती हैं और हवा में हल्की ठंडक घुलने लगती है, तब आगमन होता है ‘सोहराय’ का। यह केवल एक त्यौहार नहीं है; यह प्रकृति, पशुधन और मानव के बीच के…

सोहराय का 5वां दिन

मां ने 15 दिन के नवजात को फ्रिज में रखा

यूपी के मुरादाबाद में दिल दहला देने वाली घटना: मां ने 15 दिन के नवजात को फ्रिज में रखा, परिवार और समाज स्तब्ध मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश):उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने हर किसी को झकझोर दिया। यहां एक महिला ने अपने महज़ 15 दिन के नवजात बेटे को…

मां ने 15 दिन के नवजात को फ्रिज में रखा