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क्या मोदी ने सच में उनसे ‘नाचने-गाने’ की सलाह ली

PM Modi mail in Epstein Files

जेफरी एपस्टीन का दावा: क्या मोदी ने सच में उनसे ‘नाचने-गाने’ की सलाह ली थी? (9 जुलाई 2017 ईमेल विश्लेषण)

Key Takeaways (मुख्य बातें)

  • वायरल दावा: जेफरी एपस्टीन ने 9 जुलाई 2017 के एक ईमेल में दावा किया कि PM मोदी की इजराइल यात्रा और वहां के “डांस” के पीछे उनका हाथ था।
  • हकीकत चेक: यह दावा एपस्टीन की अपनी “बड़बोलेपन” (bragging) की आदत का हिस्सा प्रतीत होता है, न कि कोई कूटनीतिक वास्तविकता।
  • सन्दर्भ: “नाचने और गाने” का मतलब संभवतः PM मोदी के भव्य स्वागत समारोहों और कूटनीतिक उत्साह से था, जिसे एपस्टीन ने बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया।
  • कनेक्शन: एपस्टीन अक्सर क्लाइंट्स को लुभाने के लिए खुद को ‘सुपर-कनेक्टर’ के रूप में पेश करता था।

चलिए एक पल के लिए कल्पना करते हैं। भारत के प्रधानमंत्री, जिनके पास दुनिया की सबसे बड़ी नौकरशाही और कूटनीतिक सलाहकार (IFS) हैं, वे अपनी विदेश यात्रा की प्लानिंग के लिए किसे कॉल करेंगे? विदेश मंत्री को? NSA को? या फिर… एक बदनाम अमेरिकी फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन को?

सुनने में यह किसी नेटफ्लिक्स की डार्क कॉमेडी जैसा लगता है, लेकिन हाल ही में सामने आए “Epstein Documents” और 9 जुलाई 2017 के एक कथित ईमेल ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। दावा यह है कि मोदी जी ने एपस्टीन से सलाह ली और अमेरिकी राष्ट्रपति (उस समय डोनाल्ड ट्रम्प) को खुश करने के लिए इजराइल में जाकर “नाचे और गाए”।

आइए, इस चटपटे और अजीबोगरीब दावे का Post-Mortem करते हैं और जानते हैं कि आखिर माजरा क्या है।

1. वह ईमेल जो ‘बम’ की तरह गिरा (The Email of July 9, 2017)

जेफरी एपस्टीन (Jeffrey Epstein) केवल अपने अपराधों के लिए नहीं, बल्कि अपनी “बड़ी-बड़ी हांकने” (Name Dropping) की आदत के लिए भी मशहूर था। सिलिकॉन वैली के टेक दिग्गजों से लेकर हॉलीवुड स्टार्स तक, वह सबको यह एहसास दिलाता था कि दुनिया उसी के इशारों पर चल रही है।

लीक हुए दस्तावेजों के अनुसार, 9 जुलाई 2017 को भेजे गए एक ईमेल में एपस्टीन ने कथित तौर पर यह दावा किया:

“Modi took advice from me and danced and sang in Israel for the benefit of the American President.”
(मोदी ने मुझसे सलाह ली और अमेरिकी राष्ट्रपति के फायदे के लिए इजराइल में जाकर नाचे और गाए।)

अब सवाल यह है: क्या एपस्टीन सच में साउथ ब्लॉक का अघोषित सलाहकार था, या यह सिर्फ एक अमीर आदमी का “Delusion” (भ्रम) था?

2. “नाचना और गाना”: रूपक या वास्तविकता? (Decoding the Metaphor)

जब एपस्टीन कहता है कि मोदी “नाचे और गाए”, तो क्या हमें यह सोचना चाहिए कि तेल अवीव के बीच (Beach) पर कोई बॉलीवुड नंबर चल रहा था? बिलकुल नहीं।

कूटनीति की दुनिया में और हमारे अनुभव (Experience) के अनुसार, पश्चिमी मीडिया और लॉबिंग की दुनिया में “Song and Dance” एक मुहावरा है। इसका मतलब होता है—किसी को खुश करने के लिए बहुत ज्यादा प्रयास करना या भव्य प्रदर्शन करना।

जुलाई 2017 में क्या हुआ था?

  • PM मोदी इजराइल जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने थे।
  • वहां उनका स्वागत किसी “रॉकस्टार” की तरह हुआ था।
  • बेंजामिन नेतन्याहू के साथ उनकी केमिस्ट्री जबरदस्त थी (वह मशहूर जीप की सवारी याद है?)।

एपस्टीन ने संभवतः इस भव्य कूटनीतिक सफलता (Grand Diplomatic Success) का क्रेडिट खुद लेने की कोशिश की। यह वैसा ही है जैसे आप टीवी पर मैच देख रहे हों और कहें, “मैंने कहा था छक्का मारने को, इसलिए कोहली ने मारा।”

3. एपस्टीन का ‘मार्केटिंग’ मॉडल: झूठ बोलो, बार-बार बोलो

हमें यह समझना होगा कि एपस्टीन का बिजनेस मॉडल क्या था। वह “Access” (पहुंच) बेचता था।

वह अपने अमीर दोस्तों और क्लाइंट्स को यह दिखाने के लिए बेताब रहता था कि वह भू-राजनीति (Geopolitics) का “मास्टरमाइंड” है।

  • अगर पुतिन छींकते, तो एपस्टीन कहता—”मैंने उसे रुमाल दिया था।”
  • अगर ट्रम्प ट्वीट करते, तो एपस्टीन कहता—”ड्राफ्ट मैंने ही लिखा था।”

Expert Analysis: हमारी कूटनीतिक समझ यह कहती है कि भारत की विदेश नीति (Foreign Policy) साउथ ब्लॉक में तय होती है, किसी प्राइवेट आइलैंड पर नहीं। यह दावा कि एक संप्रभु राष्ट्र का पीएम एक फाइनेंसर से पूछेगा कि इजराइल में कैसे व्यवहार करना है, अपने आप में हास्यास्पद (Laughable) है।

4. अमेरिकी राष्ट्रपति का फायदा? (The Trump Angle)

ईमेल में लिखा है: “For the benefit of the American President.”

उस समय अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प राष्ट्रपति थे। ट्रम्प और नेतन्याहू के रिश्ते बहुत अच्छे थे। एपस्टीन शायद यह नैरेटिव सेट कर रहा था कि उसने भारत-इजराइल-अमेरिका का एक त्रिकोण (Triangle) बनाने में मदद की।

सच्चाई? भारत और इजराइल के रिश्ते रक्षा (Defense) और तकनीक (Tech) पर आधारित हैं, जो दशकों से मजबूत हो रहे थे। इसमें एपस्टीन का रोल उतना ही था जितना ‘समोसे में आलू’ के बिना समोसे का होता है—यानी Zero

5. हम इस पर विश्वास क्यों नहीं कर सकते? (Trust Factors)

हमें स्रोत की विश्वसनीयता देखनी चाहिए:

  1. स्रोत (Source): जेफरी एपस्टीन—एक सजायाफ्ता अपराधी और पैथोलॉजिकल झूठा।
  2. तर्क (Logic): क्या एक ग्लोबल लीडर, जो प्रोटोकॉल से बंधा है, एक प्राइवेट नागरिक से ‘डांस स्टेप्स’ पूछेगा?
  3. सबूत (Evidence): इस ईमेल के अलावा, क्या कोई आधिकारिक रिकॉर्ड, फोटो, या मीटिंग लॉग है? जवाब है—नहीं।

निष्कर्ष (Conclusion)

जेफरी एपस्टीन का यह ईमेल 2017 का सबसे बड़ा “गप्प” (Gossip) हो सकता है। यह हमें मोदी जी के बारे में कम और एपस्टीन के अहंकार (Ego) के बारे में ज्यादा बताता है। उसने दुनिया की प्रमुख घटनाओं को अपने नाम करने की कोशिश की ताकि वह अपने क्लाइंट्स को इम्प्रेस कर सके।

तो अगली बार जब आप सुनें कि “फलां नेता ने एपस्टीन के कहने पर यह किया,” तो याद रखिएगा—एपस्टीन वह व्यक्ति था जो शायद सूरज उगने का क्रेडिट भी खुद ले लेता अगर उसे मौका मिलता।


FAQ Section (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1: क्या PM मोदी कभी जेफरी एपस्टीन से मिले थे?
Ans: अब तक सामने आए किसी भी आधिकारिक रिकॉर्ड, फ्लाइट लॉग या फोटो में PM मोदी और जेफरी एपस्टीन की मुलाकात का कोई सबूत नहीं है। यह दावा केवल एपस्टीन के एक तरफा ईमेल पर आधारित है।

Q2: 9 जुलाई 2017 के ईमेल में वास्तव में क्या लिखा था?
Ans: रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईमेल में एपस्टीन ने किसी तीसरे पक्ष (संभवतः सिलिकॉन वैली के किसी व्यक्ति) से कहा था कि मोदी ने उनसे सलाह ली और अमेरिकी राष्ट्रपति के फायदे के लिए इजराइल में “नाचे और गाए”। यह एपस्टीन द्वारा अपनी पहुंच (Reach) दिखाने का एक तरीका माना जाता है।

Q3: क्या ‘नाचना और गाना’ शब्द का प्रयोग शाब्दिक (Literal) था?
Ans: नहीं, कूटनीतिक और पश्चिमी संदर्भ में इसका मतलब अक्सर “दिखावा करना” या “किसी को खुश करने के लिए किया गया भव्य आयोजन” होता है। एपस्टीन ने मोदी के सफल इजराइल दौरे और वहां हुए भव्य स्वागत को रूपक (Metaphor) के तौर पर इस्तेमाल किया।

Q4: एपस्टीन ऐसे दावे क्यों करता था?
Ans: एपस्टीन का काम अमीर और प्रभावशाली लोगों का पैसा मैनेज करना था। वह खुद को “सुपर-कनेक्टर” साबित करने के लिए अक्सर झूठ बोलता था या तथ्यों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करता था ताकि लोग उस पर भरोसा करें और उसे पैसा दें।

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