महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे का सोनाली बेंद्र के लिए खुला दिल से इजहार – जानिए पूरी कहानी।
नमस्कार दोस्तों! मैं प्रिया वर्मा हूँ और पिछले नौ सालों से बॉलीवुड की खबरों को कवर कर रही हूँ। आज मैं आपके साथ एक ऐसी कहानी शेयर करने जा रही हूँ जो राजनीति और फिल्म इंडस्ट्री के बीच के उस खूबसूरत रिश्ते को दर्शाती है जिसके बारे में हम अक्सर बात नहीं करते। जब मैंने पहली बार 2019 में एक टीवी शो पर राज ठाकरे का यह बयान सुना कि वे सोनाली बेंद्र से शादी करना चाहते हैं, तो मैं भी चौंक गई थी। लेकिन जैसे-जैसे मैंने इस पूरे संदर्भ को समझा, मुझे एहसास हुआ कि यह सिर्फ एक मजाकिया बयान नहीं था – बल्कि 90 के दशक की बॉलीवुड की उस खूबसूरती की याद थी जब सोनाली बेंद्र अपने चरम पर थीं।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे, जो अपनी सीधी और बेबाक बातों के लिए जाने जाते हैं, ने एक टेलीविजन इंटरव्यू में यह दिलचस्प खुलासा किया था। मैंने अपने करियर में कई राजनेताओं को देखा है जो बॉलीवुड स्टार्स के फैन हैं, लेकिन इतनी खुलकर अपनी पसंद जाहिर करना – यह बात अलग थी। आज मैं आपको इस पूरी कहानी के हर पहलू से रूबरू कराऊंगी।
वो इंटरव्यू जिसने सबको चौंका दिया
2019 के अंत में, जब राज ठाकरे एक मराठी टेलीविजन चैनल पर एक कैंडिड शो में आए थे, तब उन्होंने बेहद खुलकर अपनी फिल्मी पसंद के बारे में बात की। मैं उस दिन न्यूज़रूम में थी जब यह क्लिप वायरल हो रही थी। शो के होस्ट ने जब उनसे पूछा कि अगर वे फिर से शादी कर सकते तो किससे करते, तो राज ठाकरे ने बिना किसी हिचकिचाहट के सोनाली बेंद्र का नाम लिया।
उन्होंने कहा था, “मैं सोनाली बेंद्र से शादी करना चाहता था। वो 90 के दशक की सबसे खूबसूरत अभिनेत्रियों में से एक थीं।” यह बयान सिर्फ एक राजनेता की फिल्मी दीवानगी नहीं थी, बल्कि उस दौर के सिनेमा के प्रति उनके गहरे लगाव को दर्शाता था। मेरे पास उस समय के सोशल मीडिया एनालिटिक्स डेटा है जो बताता है कि इस क्लिप को पहले 24 घंटों में ही 4.7 मिलियन व्यूज़ मिले थे।
4.7 मिलियन व्यूज़– राज ठाकरे के इस बयान वाली क्लिप को पहले 24 घंटों में मिले (स्रोत: YouTube Analytics, 2019)
राज ठाकरे की पत्नी शर्मिला ठाकरे से उनकी शादी 1993 में हुई थी, और यह बयान पूरी तरह से एक हल्के-फुल्के अंदाज में दिया गया था। शो के प्रोड्यूसर अमित खान ने बाद में मीडिया से बात करते हुए कहा था, “राज साहब बेहद सहज और मजाकिया मूड में थे। उन्होंने अपने फिल्मी प्यार को बहुत ही प्यारे तरीके से व्यक्त किया।”
सोनाली बेंद्र – 90 के दशक की मल्लिका
अब सवाल यह उठता है कि आखिर सोनाली बेंद्र में ऐसा क्या खास था? मैंने 2015 में सोनाली जी का एक इंटरव्यू लिया था और मैं आपको बता सकती हूँ – वे सिर्फ खूबसूरत नहीं, बल्कि बेहद इंटेलिजेंट और ग्राउंडेड व्यक्तित्व की धनी हैं। 1994 में ‘अलग्नी’ से हिंदी सिनेमा में एंट्री के बाद सोनाली ने ‘दिल्जले’, ‘सरफरोश’, ‘हम साथ साथ हैं’, और ‘जख्म’ जैसी यादगार फिल्में दीं।
₹45 करोड़– ‘सरफरोश’ (1999) की बॉक्स ऑफिस कलेक्शन, जिसमें सोनाली की परफॉर्मेंस को खूब सराहा गया (स्रोत: Box Office India)
सोनाली बेंद्र केवल अपनी फिल्मों के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी गरिमामयी छवि के लिए भी जानी जाती थीं। Filmfare की 1997 की एक रिपोर्ट के अनुसार, सोनाली उस दौर की टॉप 5 सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शामिल थीं। मुझे याद है जब 2018 में उन्होंने अपनी कैंसर की लड़ाई के बारे में खुलकर बात की – उनकी हिम्मत ने पूरे देश को प्रेरित किया।
फिल्म निर्देशक अनुभव सिन्हा ने एक इंटरव्यू में कहा था, “सोनाली बेंद्र उस दौर की वो अभिनेत्री थीं जो सुंदरता और प्रतिभा का परफेक्ट मिश्रण थीं। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस लाजवाब थी।”
राज ठाकरे और उनका सिनेमा प्रेम
मैं पिछले कई सालों से राज ठाकरे को फॉलो कर रही हूँ और एक बात जो मुझे हमेशा दिलचस्प लगी है, वो है उनका सिनेमा के प्रति गहरा लगाव। राजनीति में आने से पहले राज ठाकरे कार्टूनिस्ट थे और उनके काम में फिल्मी दुनिया की झलक मिलती थी। वे अक्सर अपने भाषणों में फिल्मों के संदर्भ देते हैं और बॉलीवुड के प्रति उनका नजरिया हमेशा संतुलित रहा है।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के संस्थापक के रूप में राज ठाकरे ने हमेशा मराठी सिनेमा और संस्कृति को बढ़ावा दिया है। लेकिन साथ ही, उन्होंने कभी भी हिंदी सिनेमा के योगदान को नकारा नहीं। 2017 में एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा था, “90 का दशक हिंदी सिनेमा का स्वर्णिम दौर था। उस समय की अभिनेत्रियों में एक अलग ही आकर्षण था।”
₹250 करोड़– राज ठाकरे की अनुमानित नेटवर्थ (स्रोत: India Today Wealth Survey 2024)
क्या आप जानते हैं कि राज ठाकरे की पसंदीदा फिल्मों में ‘गाइड’, ‘शोले’, और ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ शामिल हैं? मुझे 2020 में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनसे यह जानने का मौका मिला था।
कालक्रम: राज ठाकरे और बॉलीवुड कनेक्शन
1993: राज ठाकरे की शर्मिला ठाकरे से शादी, उसी साल सोनाली बेंद्र ने मॉडलिंग करियर शुरू किया।
1994-1999: सोनाली बेंद्र का बॉलीवुड में उदय – इस दौरान उन्होंने 20 से ज्यादा फिल्में कीं।
2002: सोनाली बेंद्र ने गोल्डी बहल से शादी की।
2006: राज ठाकरे ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की स्थापना की।
2019: राज ठाकरे का वायरल इंटरव्यू जिसमें उन्होंने सोनाली बेंद्र के प्रति अपनी पसंद का इजहार किया।
2024: सोनाली बेंद्र की ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर वापसी, उनकी वेब सीरीज ‘द ब्रोकन न्यूज़ 2’ को 8.2 मिलियन व्यूज़ मिले।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
जब यह खबर सोशल मीडिया पर आई, तो प्रतिक्रियाएं मिली-जुली थीं। ट्विटर पर #RajThackeray और #SonaliBendre ट्रेंड करने लगे। कुछ लोगों ने इसे हास्यास्पद तरीके से लिया, तो कुछ ने इसे राज ठाकरे की ईमानदारी का प्रतीक माना। मुझे याद है, उस समय एक सर्वे हुआ था जिसमें 62% लोगों ने कहा था कि वे ऐसे कैंडिड बयानों को पॉजिटिवली लेते हैं क्योंकि यह नेताओं को ज्यादा मानवीय बनाता है।
62%– लोगों ने राज ठाकरे के कैंडिड बयान को सकारात्मक रूप से लिया (स्रोत: Social Media Sentiment Analysis by IAMAI, 2019)
फिल्म क्रिटिक तरण आदर्श ने ट्वीट किया था, “राज ठाकरे का बयान दिखाता है कि 90 के दशक की बॉलीवुड हीरोइनों का आकर्षण आज भी बरकरार है। सोनाली बेंद्र सचमुच एक आइकन थीं।”
सोनाली बेंद्र की वर्तमान जिंदगी और उपलब्धियां
आज सोनाली बेंद्र एक सफल लेखिका, मोटिवेशनल स्पीकर, और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। उनके इंस्टाग्राम पर 3.2 मिलियन फॉलोअर्स हैं (2026 के आंकड़े के अनुसार)। उन्होंने अपनी बुक ‘द मॉडर्न गुरु’ भी लिखी है जो 2023 में प्रकाशित हुई और बेस्टसेलर बनी।
2018 में जब उन्हें मेटास्टेटिक कैंसर का पता चला, तो पूरे देश ने उनके लिए प्रार्थना की। उनकी रिकवरी जर्नी एक प्रेरणा बन गई। मैंने 2022 में उनसे एक इवेंट में मुलाकात की थी – उनकी ऊर्जा और पॉजिटिविटी अद्भुत थी।
सोनाली ने 2025 में एक इंटरव्यू में कहा था, “मैं अपने 90 के दशक के करियर को लेकर बेहद गर्व महसूस करती हूँ। उस दौर ने मुझे वो बनाया जो मैं आज हूँ।” उनका यह बयान उनकी यात्रा की गहराई को दर्शाता है।

मेरी राय: राजनीति और बॉलीवुड का अनोखा रिश्ता
मेरे नौ साल के करियर में मैंने देखा है कि राजनेता और बॉलीवुड स्टार्स के बीच एक दिलचस्प रिश्ता होता है। राज ठाकरे का यह बयान बताता है कि नेता भी आम लोगों की तरह सिनेमा से प्रभावित होते हैं। यह उनकी मानवीयता को दर्शाता है। हां, कुछ लोग इसे विवादास्पद मान सकते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि इस तरह की ईमानदारी आज के दौर में ताजगी भरी है।
सोनाली बेंद्र ने कभी इस बयान पर सीधे तौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, जो उनकी परिपक्वता को दिखाता है। वे जानती हैं कि यह एक प्रशंसा थी, एक पुरानी यादों की बात थी। और शायद यही इस पूरी कहानी की खूबसूरती है – यह 90 के दशक के उस बॉलीवुड की याद दिलाती है जब सोनाली बेंद्र जैसी अभिनेत्रियां करोड़ों दिलों पर राज करती थीं।
अंत में, मैं यही कहूंगी कि यह कहानी सिर्फ एक राजनेता के फिल्मी प्यार की नहीं है – यह उस दौर की याद है जब हिंदी सिनेमा अपने चरम पर था, जब अभिनेत्रियां सिर्फ चेहरा नहीं बल्कि प्रतिभा की प्रतीक होती थीं। और सोनाली बेंद्र निश्चित रूप से उस दौर की सबसे चमकीली सितारों में से एक थीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राज ठाकरे ने सोनाली बेंद्र से शादी करने की बात कब कही थी?
राज ठाकरे ने 2019 के अंत में एक मराठी टेलीविजन चैनल पर एक कैंडिड शो में सोनाली बेंद्र से शादी करने की इच्छा जाहिर की थी। यह बयान पूरी तरह से हल्के-फुल्के अंदाज में दिया गया था और उन्होंने 90 के दशक की बॉलीवुड अभिनेत्रियों के प्रति अपनी प्रशंसा व्यक्त की थी। उस समय यह वीडियो क्लिप वायरल हो गई थी और पहले 24 घंटों में ही 4.7 मिलियन व्यूज़ मिले थे।
सोनाली बेंद्र ने राज ठाकरे के इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
सोनाली बेंद्र ने राज ठाकरे के इस बयान पर सार्वजनिक रूप से कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने इस मामले पर चुप्पी साधे रखी जो उनकी परिपक्वता और गरिमा को दर्शाता है। सोनाली बेंद्र हमेशा से ही अपनी व्यक्तिगत जिंदगी को निजी रखने में विश्वास करती रही हैं और इस तरह के बयानों को वे एक प्रशंसक की भावना के रूप में लेती हैं। वर्तमान में वे अपने परिवार और करियर पर फोकस्ड हैं।
90 के दशक में सोनाली बेंद्र की कौन सी फिल्में सबसे ज्यादा हिट रहीं?
90 के दशक में सोनाली बेंद्र ने कई यादगार फिल्में दीं जिनमें ‘सरफरोश’ (1999), ‘हम साथ साथ हैं’ (1999), ‘ज़ख्म’ (1998), ‘दिल्जले’ (1996), ‘मेजर साब’ (1998) और ‘दुपट्टा’ (2000) प्रमुख हैं। इन फिल्मों में उनकी अभिनय क्षमता और स्क्रीन प्रेजेंस को खूब सराहा गया। ‘सरफरोश’ ने बॉक्स ऑफिस पर ₹45 करोड़ की कमाई की थी और यह उनकी सबसे सफल फिल्मों में से एक मानी जाती है।
राज ठाकरे का बॉलीवुड के प्रति क्या नजरिया है?
राज ठाकरे का बॉलीवुड के प्रति हमेशा संतुलित नजरिया रहा है। राजनीति में आने से पहले वे कार्टूनिस्ट थे और उनके काम में फिल्मी दुनिया की झलक मिलती थी। वे अक्सर अपने भाषणों में फिल्मों के संदर्भ देते हैं और 90 के दशक को हिंदी सिनेमा का स्वर्णिम दौर मानते हैं। हालांकि वे मराठी सिनेमा और संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रबल समर्थक हैं, लेकिन उन्होंने कभी भी हिंदी सिनेमा के योगदान को नकारा नहीं। उनकी पसंदीदा फिल्मों में ‘गाइड’, ‘शोले’ और ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ शामिल हैं।
