सोहराय का 5वां दिन: हकू कातकोम
सोहराय का 5वां दिन: हकू कातकोम (Hako Kaatkom) का महत्व और परंपरा झारखंड और आसपास के आदिवासी क्षेत्रों में जब धान की बालियाँ सुनहरी हो जाती हैं और हवा में हल्की ठंडक घुलने लगती है, तब आगमन होता है ‘सोहराय’ का। यह केवल एक त्यौहार नहीं है; यह प्रकृति, पशुधन और मानव के बीच के…
